दाँतों की सफ़ाई और जाँच
ब्रश से जो प्लाक और टार्टर (पीली परत) नहीं निकलता, वह क्लिनिक की सफ़ाई से निकल जाता है। हर बार दाँत, मसूड़े और मुँह की पूरी जाँच होती है, और ज़रूरत हो तो X-ray भी, ताकि छोटी समस्या दर्द या बड़े खर्च से पहले ही ठीक हो जाए।

- अल्ट्रासोनिक स्केलिंग और पॉलिशिंग
- मसूड़ों की जाँच
- ज़रूरत हो तो डिजिटल X-ray (RVG)
- घर पर देखभाल का आसान तरीका
इलाज में क्या होता है
- 01
जाँच
डॉक्टर दाँत, मसूड़े, जबड़ा और मुँह की जाँच करती हैं और आपकी बीमारी/दवाइयों के बारे में पूछती हैं।
- 02
स्केलिंग
अल्ट्रासोनिक मशीन से मसूड़ों के ऊपर और नीचे जमा टार्टर आराम से हटाया जाता है।
- 03
पॉलिश और सलाह
दाँत पॉलिश किए जाते हैं और घर पर देखभाल का आसान तरीका बताया जाता है।
दाँतों की सफ़ाई और जाँच: आम सवाल
दाँतों की सफ़ाई कितने समय में करानी चाहिए?
ज़्यादातर लोगों को हर छह महीने में; मसूड़ों की बीमारी हो तो हर तीन-चार महीने में।
क्या स्केलिंग से दाँत घिस जाते हैं?
नहीं। स्केलिंग से सिर्फ़ जमी हुई परत हटती है; दाँत की ऊपरी परत (इनेमल) को कोई नुकसान नहीं होता।
आपकी डॉक्टर
योग्य, अनुभवी और सच में दयालु। हर मरीज़ को डॉक्टर खुद देखती हैं।
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